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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आरर्वाइए-आइसा का सामूहिक उपवास
दिल्ली के जंतर मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आरा में सामूहिक उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सामूहिक उपवास कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने किया इन्होंने देश में मौजूद भाजपा के सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा का मांग करते हुए उन्होंने कहा कि उनके समय में और उनके कार्यकाल में लगातार देश के भीतर में तमाम पेपर लीक हो रहे हैं कोई भी पेपर कोई भी परीक्षा निष्पक्ष रूप से नहीं कराया जा रहा है lउपवास


शिक्षा, रोजगार और श्रमिक अधिकारों के सवालों पर संघर्ष का आह्वान, जोरहाट जिला सम्मेलन संपन्न
जोरहाट, असम। इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) जोरहाट जिला कमिटी का दो दिवसीय जिला सम्मेलन 20-21 जून को जोगीभेटा में संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश में बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा पर हो रहे हमले, श्रमिकों के अधिकारों में कटौती तथा केंद्र सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष खड़ा करने का आह्वान किया गया। सम्मेलन की शुरुआत 20 जून को शहीद कॉमरेड गंगाराम कल भवन में सैनिक शिल्पी बिष्णु प्रसाद राभा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके 57वें स्मृति दिवस के आयोजन से हुई। राभ


देश को है क्रन्तिकारी नौजवान आन्दोलन की जरूरत...
हमारा देश भारत दुनिया का सबसे युवा देश है यहाँ 65 % आवादी 35 साल से कम उम्र की है. किसी भी देश का डेमोग्राफिक डेविडेंट उस देश के तरक्की का रास्ता खोलता है. लेकिन यह विडंबना ही है कि हर साल 1.2 से 1.5 करोड़ नौजवान लेबर मार्किट में प्रवेश करते हैं. जिसमें से बहुत कम नौजवानों को रोजगार मिल पाता है. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 83% बेरोजगार युवा 15-29 वर्ष की आयु के हैं। यानी हर 5 बेरोजगारों में से 4 युवा हैं. भारत के युवा देश की ताकत हैं जिनके दम


लखनऊ में आरवाईए की राष्ट्रीय कार्यशाला व परिषद बैठक से बनाई गई आंदोलन की योजना।
NTA को खत्म करने व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग तेज की गई। 4 जून को लखनऊ में इंकलाबी नौजवान सभा की दो दिवसीय कार्यशाला और राष्ट्रीय परिषद बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय परिषद सदस्यों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के पहले दिन एक राष्ट्रीय युवा कार्यशाला का आयोजन किया गया, जबकि दूसरे दिन राष्ट्रीय परिषद की औपचारिक बैठक आयोजित हुई। राष्ट्रीय युवा कार्यशाला में भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव कॉ. दीपांकर भ


TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला : आरवाईए
पटना में शुक्रवार को TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की आरवाईए ने कड़ी निंदा की है। इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के राज्य सचिव एवं पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने जारी बयान में कहा कि अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा जिस तरह दौड़ा-दौड़ाकर लाठियां बरसाई गईं, वह भाजपा-जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं के हाथों में कल देश और समाज की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, आ


यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग पर पटना में राजभवन मार्च, हजारों छात्र-नौजवान उतरे सड़कों पर:
यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करने, SC/ST/EBC/BC वर्गों के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी बनाने तथा संसद से रोहित एक्ट बनाने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी पटना में हजारों छात्र-नौजवानों ने आक्रोशपूर्ण राजभवन मार्च निकाला। ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी के बैनर तले आयोजित इस मार्च में आरवाईए,आइसा सहित कई अन्य संगठनों के विभिन्न जिलों से आए छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता ने भाग लिया यह मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होकर जेपी गोलंबर तक पहुंचा,जहां पुलिस द्वारा लगाए गए बैर


झूठे मुकदमे में कॉ जितेंद्र पासवान को आजीवन सजा के खिलाफ बिहार में राज्यव्यापी प्रतिवाद मार्च
आरवाईए के बिहार राज्य अध्यक्ष कॉमरेड जितेंद्र पासवान सहित दो साथियों को झूठे मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के खिलाफ भाकपा (माले) और आरवाईए के राज्यव्यापी आह्वान पर बिहार के विभिन्न जिलों में व्यापक प्रतिवाद मार्च निकाले गए। सड़कों पर उतरे मजदूरों, किसानों, छात्रों और युवाओं ने इसे न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध का फैसला बताते हुए न्यायपालिका से पुनर्विचार की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि 13 फरवरी को गोपालगंज जिला न्यायालय ने कॉमरेड जितेंद्र पासवान तथा कॉमरेड श्


बिहार की धरती पर अपराध और बुलडोजर का राज नहीं,इंसाफ का राज चलेगा:
बिहार आज एक गहरे और खतरनाक दौर से गुजर रहा है। यह दौर राज्य सत्ता द्वारा संगठित अन्याय, दमन और भय के राज का है। एक ओर हत्या, लूट, बलात्कार, अपहरण और सामंती-माफियाई हिंसा आम जनता की रोज़मर्रा की सच्चाई बनती जा रही है। दूसरी ओर नीतीश–मोदी की साझा सरकार बुलडोजर को “सुशासन” का मुखौटा पहनाकर गरीबों, दलितों, महादलितों और मेहनतकशों पर सीधा हमला कर रही है। बिहार में आज कानून का नहीं, बल्कि सत्ता-संरक्षित अपराधियों और बुलडोजर का बोलबाला है। राज्य में अपराध बेलगाम हैं। छोटे-छोटे विवादो
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