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अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ां– रामप्रसाद बिस्मिल शहादत दिवस के मौके पर देशभर में हुआ कैंडल मार्च- "साझी शहादत-साझी विरासत" को जिंदा रखने का लिया गया संकल्प।
अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ां और रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के शहादत दिवस के अवसर पर आरवाईए ने देश भर में “एक शाम साझी शहादत – साझी विरासत के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया। कैंडल मार्चों के माध्यम से आज़ादी आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, उनकी जिंदगी, उनके विचारों और प्रेरणा देने वाले किस्सों को याद किया गया, साथ ही आज़ादी की लड़ाई में सांप्रदायिक नफ़रत के खिलाफ़ साझे सपनों, साझे संघर्षों और साझी कुर्बानियों पर चर्चा हुई। नौजवानों ने शहीदों के "सपनों के भारत" के लिए संघर्ष को तेज़ करने क


इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र-आंदोलन की जीत विश्वविद्यालय बचाने की एक उम्मीद है!
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र पीने के लिए साफ़ पानी, स्वच्छ शौचालयों और लाइब्रेरी में पढ़ाई की समय सीमा को बढ़ाने जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं। नियम अनुशासन के नाम पर छात्रों से बदसलूकी भी नई नहीं है, जैसे कि आईडी कार्ड चेक करने के नाम पर छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाना। दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के बावजूद इलाहाबाद विवि. इस तरह की मूलभूत सुविधाओं के अभाव का शिकार तो रहा ही है साथ ही आवाज़ उठाने पर छात्रों को प्रशा


ডিটেক্ট–ডিলিট–ডিপোর্টের ছায়ায় ভোটার তালিকা সংশোধন
গত ৪ঠা নভেম্বর থেকে পশ্চিমবঙ্গে বিশেষ নিবিড় সংশোধনী শুরু হয়। এই প্রক্রিয়া ঘোষণার পর থেকেই রাজ্যজুড়ে ভয় ও আশঙ্কার আবহাওয়া তৈরি হয়। এই প্রক্রিয়া ঘোষণার পর থেকে শুভেন্দু অধিকারী থেকে সুকান্ত মজুমদারের মত রাজ্যের বিজেপি নেতাদের হুমকিপূর্ণ আস্ফালন গরিব, খেটে খাওয়া, প্রান্তিক মানুষদের আরও আশঙ্কায় ফেলে। এই প্রক্রিয়ায় যে কাগজ বা নথি নির্বাচন কমিশন চেয়েছে সেগুলির বেশিরভাগই গরিব, খেটে খাওয়া মানুষের কাছে নেই। ভারতবর্ষের যেকোনো প্রান্তে সরকারি নথি সর্বস্তরের মানুষের কাছে সমানভাবে থাকে না


दलित बेटी के साथ दरिंदगी और प्रशासन की बर्बर चुप्पी के खिलाफ आरवाईए का राज्यव्यापी आक्रोश मार्च
मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड के जगन्नाथपुर गांव की 10वर्षीय छात्रा विशाखा कुमारी के साथ हुई वहशियाना दरिंदगी और फिर अस्पताल में तड़प-तड़पकर हुई उसकी मौत के खिलाफ इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के आह्वान पर पूरे बिहार में आक्रोश मार्च निकला गया और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय से इस्तीफा माँगा गया. सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए नेताओं ने कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं है, यह उस सड़ी-गली सत्ता व्यवस्था का असली चेहरा है जो गरीब दलित बेटियों की जान को कीड़े-मकोड़े से भी कम समझती है


“उठो नौजवानों बदलो बिहार” नारे के साथ आरवाईए का बिहार राज्य सम्मेलन अरवल में सम्पन्न
इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) का 9वां बिहार राज्य सम्मेलन 30-31 मई को अरवल में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के मौके पर शहर का नाम शहीद चंद्रशेखर...


संविधान, लोकतंत्र व भाईचारे पर हमले के खिलाफ अंबेडकर जयंती पर आरवाईए का खबरदार मार्च
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर इंकलाबी नौजवान सभा आरवाईए के आह्वान पर देश भर में “खबरदार मार्च” निकाला गया। यह मार्च संविधान पर हमलों के...


बिहार के युवाओं को गोलबंद कर बदलाव की निर्णायक लड़ाई छेड़ेंगे: आरवाईए
बाबा साहब अंबेडकर की जयंती पर सड़कों पर उतरेगा युवा, मई में होगा आरवाईए का बिहार राज्य सम्मेलन। आरवाईए (इंकलाबी नौजवान सभा) के बिहार...


संविधान विरोधी, सांप्रदायिक वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ आरवाईए का देशव्यापी प्रतिवाद मार्च
वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने देशव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया, जिसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में जोरदार...
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