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नौकरी के बदले मौत क्यों? मोदी-शाह जवाब दो! बीएसएल और सीआईएसएफ अधिकारीयों पर हत्या का मुकदमा चलाओ!

  • Apr 4, 2025
  • 2 min read

Updated: Apr 10, 2025

बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) में रोजगार के लिए आंदोलनरत विस्थापित नौजवानों को रोजगार की बजाए मौत देना, मोदी सरकार के असली चेहरा को उजागर करता है.


इंकलाबी नौजवान सभा बीएसएल –सीआईएसएफ द्वारा किए गए लाठी चार्ज और नौजवान की हत्या की भर्त्सना करती है. और जिम्मेदार सभी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग करती है.
 
बीएसएल ने दसियों हजार परिवार बोकारो में विस्थापित किए गए हैं. तमाम विस्थापितों को रोजगार का वादा किया गया था. परंतु आज तक हजारों परिवार एक–दो पीढ़ियों से रोजगार का इंतजार ही कर रहे हैं. पिछले वर्षों में बोकारो स्टील लिमिटेड ने अप्रेंटिसशिप का नोटिफिकेशन निकाल कर, अप्रेंटिसशिप के बाद रोजगार देने का वादा किया था. हजारों नौजवानों ने अप्रेंटिसशिप पूरा कर लिया, पर कंपनी ने उन्हें भी रोजगार नहीं दिया. जिसके बाद से नौजवान आंदोलन करने को मजबूर हैं. कल शाम आंदोलनरत नौजवानों पर कंपनी द्वारा लाठीचार्ज हुआ जिसमें एक नौजवान प्रेम महतो की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए.
 
आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और हत्या करने की ताकत कंपनी और सीआइएसएफ, को कहां से मिलती है? संघ के मोदी सरकार की नीतियों की वजह से. जहां आंदोलन कर रहे सभी नागरिकों पर, किसानों–मजदूरों–नौजवानों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, उन्हें जेलों में डाला जा रहा है. सभी लोकतांत्रिक संघर्षों को कुचला जा रहा है. सीआइएसएफ जैसी पारा मिलिट्री फोर्सेज को गृह मंत्रालय आम नागरिकों के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है.
 
झारखंड में विस्थापन की यह कोई इकलौती घटना नहीं है, झारखंड में लागातार विस्थापन के खिलाफ और विस्थापित परिवारों रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अभी पिछले दिनों अडानी पावर प्लांट के खिलाफ भी देवघर के स्थानीय निवासी रोजगार के लिए आंदोलन करने को मजबूर थें, क्योंकि स्थानीय लोगों को वादा के अनुरूप रोजगार नहीं मिला. हजारीबाग के गोंदलपुरा में किसान पिछले दो वर्षों से धरने पर बैठे हुए हैं और विस्थापन का विरोध कर रहे हैं. उनके आंदोलनों को भी खत्म करने की कोशिश की जा रही है.
केंद्र सरकार और कंपनियों की मानें तो झारखंड राज्य की प्राकृतिक संपदाओं पर झारखंड के नौजवानों का कोई अधिकार नहीं  है, उन्हें बस अधिकार है विस्थापन का और प्रदूषण का।
झारखण्ड सरकार द्वारा नौकरियों में 75% स्थानीय नौजवानों को रोजगार देने का प्रावधान लाने के वावजूद भी केंद्र के मातहत आने वाले संस्थानों में यह लागू नहीं किया गया.
 
आरवाईए यह मांग करती है कि, बोकारो स्टील लिमिटेड में अप्रेंटिसशिप प्राप्त सभी लोगों को तुरंत नियोजित किया जाए। सभी विस्थापितों के रोजगार की गारंटी हो। जिम्मेवार सभी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति न हो।

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