

यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग पर पटना में राजभवन मार्च, हजारों छात्र-नौजवान उतरे सड़कों पर:
यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करने, SC/ST/EBC/BC वर्गों के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी बनाने तथा संसद से रोहित एक्ट बनाने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी पटना में हजारों छात्र-नौजवानों ने आक्रोशपूर्ण राजभवन मार्च निकाला। ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी के बैनर तले आयोजित इस मार्च में आरवाईए,आइसा सहित कई अन्य संगठनों के विभिन्न जिलों से आए छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता ने भाग लिया यह मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होकर जेपी गोलंबर तक पहुंचा,जहां पुलिस द्वारा लगाए गए बैर


झूठे मुकदमे में कॉ जितेंद्र पासवान को आजीवन सजा के खिलाफ बिहार में राज्यव्यापी प्रतिवाद मार्च
आरवाईए के बिहार राज्य अध्यक्ष कॉमरेड जितेंद्र पासवान सहित दो साथियों को झूठे मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के खिलाफ भाकपा (माले) और आरवाईए के राज्यव्यापी आह्वान पर बिहार के विभिन्न जिलों में व्यापक प्रतिवाद मार्च निकाले गए। सड़कों पर उतरे मजदूरों, किसानों, छात्रों और युवाओं ने इसे न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध का फैसला बताते हुए न्यायपालिका से पुनर्विचार की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि 13 फरवरी को गोपालगंज जिला न्यायालय ने कॉमरेड जितेंद्र पासवान तथा कॉमरेड श्


बिहार की धरती पर अपराध और बुलडोजर का राज नहीं,इंसाफ का राज चलेगा:
बिहार आज एक गहरे और खतरनाक दौर से गुजर रहा है। यह दौर राज्य सत्ता द्वारा संगठित अन्याय, दमन और भय के राज का है। एक ओर हत्या, लूट, बलात्कार, अपहरण और सामंती-माफियाई हिंसा आम जनता की रोज़मर्रा की सच्चाई बनती जा रही है। दूसरी ओर नीतीश–मोदी की साझा सरकार बुलडोजर को “सुशासन” का मुखौटा पहनाकर गरीबों, दलितों, महादलितों और मेहनतकशों पर सीधा हमला कर रही है। बिहार में आज कानून का नहीं, बल्कि सत्ता-संरक्षित अपराधियों और बुलडोजर का बोलबाला है। राज्य में अपराध बेलगाम हैं। छोटे-छोटे विवादो













