शिक्षा, रोजगार और श्रमिक अधिकारों के सवालों पर संघर्ष का आह्वान, जोरहाट जिला सम्मेलन संपन्न
- 7 hours ago
- 3 min read

जोरहाट, असम। इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) जोरहाट जिला कमिटी का दो दिवसीय जिला सम्मेलन 20-21 जून को जोगीभेटा में संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश में बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा पर हो रहे हमले, श्रमिकों के अधिकारों में कटौती तथा केंद्र सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष खड़ा करने का आह्वान किया गया। सम्मेलन की शुरुआत 20 जून को शहीद कॉमरेड गंगाराम कल भवन में सैनिक शिल्पी बिष्णु प्रसाद राभा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके 57वें स्मृति दिवस के आयोजन से हुई। राभा के संघर्षशील जीवन और सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज जब देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, तब राभा के विचार युवाओं को अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देते हैं। इसके बाद आयोजित प्रतिनिधि सत्र का संचालन राज्य सलाहकार कॉमरेड राजेन राज, राज्य सचिव आमोस कुमार तांती, असम संग्रामी चाय श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव कॉमरेड जितेन तांती, सर्किल सचिव रामेश्वर कल तथा सदौ असम प्रगतिशील नारी संस्था की जिला सचिव कॉ राहील मुंडा की अध्यक्ष मंडली ने किया। प्रतिनिधि सभा में जिला सह- सचिव कॉमरेड मंटू राजोवार द्वारा प्रस्तुत सचिवीय प्रतिवेदन पर व्यापक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे गरीब और मेहनतकश परिवारों के बच्चों की शिक्षा खतरे में पड़ रही है। साथ ही, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों ने युवाओं और श्रमिकों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि किसानों, चाय बागान श्रमिकों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। सम्मेलन ने इन नीतियों के खिलाफ संगठित प्रतिरोध खड़ा करने और गांव-गांव, बस्ती-बस्ती युवाओं को संगठित करने का संकल्प लिया।

सम्मेलन में सर्वसम्मति से कॉमरेड पबित्र नायक को पुनः जिला अध्यक्ष तथा मंटू राजोवार को जिला सचिव चुना गया। ज्योतिप्रसाद कल और बासुदेव तांती को उपाध्यक्ष, जबकि बुलेन राजोवार, आकाश माझी और अजय नायक को सहायक सचिव चुना गया। इसके साथ ही 25 सदस्यीय नई जिला समिति का गठन किया गया। 21 जून को जोगीभेटा के जगन्नाथ भवन में एक खुली सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता नवनिर्वाचित अध्यक्ष पबित्र नायक ने की। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय कलाकार प्रगति कल ने राभा गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव अमूस कुमार तांती, सीपीआई(एम-एल) के जिला सचिव राजेन राज, असम संग्रामी चाय श्रमिक संघ के महासचिव जितेन तांती तथा अन्य वक्ताओं ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और युवाओं के भविष्य को असुरक्षित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के बजाय सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे स्थायी रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। वक्ताओं ने युवाओं से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति को अस्वीकार कर शिक्षा, रोजगार, श्रमिक अधिकार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। सभा में उपस्थित नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संगठित जन आंदोलन विकसित करने पर बल दिया। सभा के दौरान अनिमा मुंडा सहित अन्य कलाकारों ने राभा गीत प्रस्तुत किए तथा जन सांस्कृतिक परिषद के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनसंघर्ष और सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया। उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न यह अधिवेशन केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने तथा युवाओं को संगठित करने के संकल्प के साथ समाप्त हुआ।





Comments